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Wednesday, April 27, 2011

हर सपने कुछ कहते हैं? भागा: 2

स्वप्न फल, रहस्य Meaning, dreams analysis: Part:2
हर सपने कुछ कहते हैं? भागा: 2
all the dreams say Something ?

आपकी यदि शादी नहीं हुई है, आप अभी कुंवारे है. रात की बेला में निर्विघ्न रूप से सो रहे है. तभी आप स्वप्न में देखते है कि कोई हथियार आपके सामने फर्श पर पड़ा हुआ है. इसका फल बहुत ही शुभ है अर्थात आपको आने वाले समय में शीघ्र ही जीवन साथी मिलने वाला है. अगर स्वप्न में टूटा हुआ हथियार देखते है तो इसका फल अशुभ है अर्थात जीवन साथी के मिलने में विलम्ब होगा. अगर यही स्वप्न युवा लड़की देखती है तो भी यही फल प्राप्त होगा.

आप किसी खूबसूरत युवा स्त्री से वर्तमान में प्यार कर रहे है और रात को स्वप्न में आपने देखा कि भालू आपके सामने खड़ा है तो मामला गडबड है. इसका फल आपके लिए शुभ नहीं है. क्योंकि स्वप्न में भालू को देखना इस बात का सूचक है कि आपकी प्रमिका पर कोई दूसरा पुरुष भी डोरे डाल रहा है. और वह उसकी ओर खींचती चली जा रही है. जो निश्चय ही आपके लिए शुभ नहीं है. अगर स्वप्न में भालू आपको पेड़ पर चडता हुआ नजर आता है तो इसका फल बहुत ही शुभ होता है. आपको भविष्य में मनपसंद जीवनसाथी मिलने वाला है. यदि उपरोक्त स्वप्न को युवा लड़की देखती है तो उसे भी यही फल प्राप्त होता है.
आप यदि शादीशुदा एक महिला है. और स्वप्न में आपने अपने पति को काला चश्मा लगाते हुये देख रही है और उनके साथ कोई काला पशु भी है तो समझ लीजिए कि आपके पति का किसी दूसरी स्त्री के साथ संबंध चल रहा है. आप अपने स्वप्न को अधिक से अधिक लोगो को बताए फल का अशुभ प्रभाव कम होता है.

आप एक युवा स्त्री है और रात को स्वप्न में आप किसी खूबसूरत और भोगविलास की सुख सुविधाओं से संपन्न बैडरूम में आराम फरमा रही है. तो यह स्वप्न आपके लिए शुभ नहीं है इसका मतलब यह है कि भविष्य में आपके किसी पुरुष के साथ संबंध बनने वाले है जिसके कारण आपकी इज्जत और मान सम्मान की हानि होने की संभावना रहेगी. रामायण का पाठ करने या सुनने से इस स्वप्न के अशुभ फल की शान्ति होगी.

क्रमश.......

Art of nail (Pic)

See this word of nail,don’t belive that.

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औषधि एक फायदे अनेक भाग: 3 (गिलोय-teenosporal)

One Giloy multiple benefits Teenosporal
गिलोय (अंग्रेज़ी:टीनोस्पोरा कार्डीफोलिया) की एक बहुवर्षिय लता होती है। इसके पत्ते पान के पत्ते कि तरह होते हैं। आयुर्वेद मे इसको कई नामो से जाना जाता है यथा अमृता, गुडुची, छिन्नरुहा,चक्रांगी, आदि।[]'बहुवर्षायु तथा अमृत के समान गुणकारी होने से इसका नाम अमृता है ' आर्युवेद साहित्य में इसे ज्वर की महान् औषधि माना गया है एवं जीवन्तिका नाम दिया गया है ।गिलोय की लता जंगलों, खेतों की मेड़ों, पहाड़ों की चट्टानों आदि स्थानों पर सामान्यतया कुण्डलाकार चढ़ती पाई जाती है नीम आम्र के वृक्ष के आस-पास भी यह मिलती है जिस वृक्ष को यह अपना आधार बनती है, उसके गुण भी इसमें समाहित रहते हैं इस दृष्टि से नीम पर चढ़ी गिलोय श्रेष्ठ औषधि मानी जाती है इसका काण्ड छोटी अंगुली से लेकर अंगूठे जितना मोटा होता है बहुत पुरानी गिलोय में यह बाहु जैसा मोटा भी हो सकता है इसमें से स्थान-स्थान पर जड़ें निकलकर नीचे की ओर झूलती रहती हैं चट्टानों अथवा खेतों की मेड़ों पर जड़ें जमीन में घुसकर अन्य लताओं को जन्म देती हैं

बेल के काण्ड की ऊपरी छाल बहुत पतली, भूरे या धूसर वर्ण की होती है, जिसे हटा देने पर भीतर का हरित मांसल भाग दिखाई देने लगता है काटने पर अन्तर्भाग चक्राकार दिखाई पड़ताहै ।पत्ते हृदय के आकार के, खाने के पान जैसे एकान्तर क्रम में व्यवस्थित होते हैं ये लगभग 2 से 4 इंच तक व्यास के होते हैं स्निग्ध होते हैं तथा इनमें 7 से 9 नाड़ियाँ होती हैं पत्र-डण्ठल लगभग 1 से 3 इंच लंबा होता है फूल ग्रीष्म ऋतु में छोटे-छोटे पीले रंग के गुच्छों में आते हैं फल भी गुच्छों में ही लगते हैं तथा छोटे मटर के आकार के होते हैं पकने पर ये रक्त के समान लाल हो जाते हैं बीज सफेद, चिकने, कुछ टेढ़े, मिर्च के दानों के समान होते हैं उपयोगी अंग काण्ड है पत्ते भी प्रयुक्त होते हैं

ताजे काण्ड की छाल हरे रंग की तथा गूदेदार होती हैं उसकी बाहरी त्वचा हल्के भूरे रंग की होती है, पतली कागज की पत्तों के रूप में छूटती है स्थान-स्थान पर गांठ के समान उभार पाए जाते हैं सूखने पर यही काण्ड पतला हो जाता है सूखे काण्ड के छोटे-बड़े टुकड़े बाजार में पाए जाते हैं, जो बेलनाकार लगभग 1 इंच व्यास के होते हैं इन पर से छाल काष्ठीय भाग से आसानी से पृथक् की जा सकती है स्वाद में यह तीखी होती है, पर गंध कोई विशेष नहीं होती पहचान के लिए एक साधारण-सा परीक्षण यह है कि इसके क्वाथ में जब आयोडीन का घोल डाला जाता है तो गहरा नीला रंग हो जाता है यह इसमें स्टार्च की उपस्थिति का परिचायक है सामान्यतया इसमें मिलावट कम ही होती है, पर सही पहचान अनिवार्य है कन्द गुडूची एक असामी प्रजाति इसकी अन्य जातियों की औषधियाँ हैं, जिनके गुण अलग-अलग होते हैं

हसी के हस गुल्ले (हिन्दी जोकस) भागा:10

Hindi Jokes, Hasi ke Hasgulle,
डॉक्टर मरीज से, ''अब तबीयत कैसी है?''
मरीज, ''अब कुछ पहले से आराम है। बुखार तो टूट गया है बस टांग में दर्द है।''
डॉक्टर, ''घबराओ मत, टांग भी टूट जाएगी।''

दर्शनशास्त्र की कक्षा में प्रोफेसर ने छात्रों से पूछा, ''आपकी नजरों में वास्तविक और निष्ठावान आशावादी कौन है?''
एक छात्र ने उत्तर दिया, ''सर! वह वयक्ति जो वर्षो से गंजा है, फिर भी जेब में कंघा लिए घूमता है।''

अनीता ने अपनी पड़ोसिन शीला से कहा, ''हमारा दामाद तो हजार रुपये की विदाई देने पर भी खु नहीं होता, एक तुम्हारा दामाद है, जो 200 रुपये में ही संतुष्ट हो जाता है.''
''तुम्हें पता नहीं हमारा दामाद डॉक्टर है और उस की फीस इतनी ही है, तुम्हारे दामाद की तरह पुलिस इंस्पेक्टर नहीं जो 1,000 से कम नहीं लेता।'' गीता ने कहा।

एक बूढ़ा व्यक्त्ति एक जनसभा को संबोधित करते हुए नए जमाने के फैशन की आलोचना कर रहा था, ''आजकल की लिपस्टिक मूझे जरा भी पसंद नही, न तो इसका रंग और न ही स्वाद।''

पत्नी ने प्यार से पूछा, ''अगर मैं मर गई तो क्या तुम दूसरी शादी करोगे?''
''इस सवाल का जवाब देना मेरे लिए बहुत कठिन है,'' पति ने कहा,
''क्यों?'' पत्नी ने गुस्से से पूछा।
''क्योंकि अगर मैं हां कहूंगा तो तुम नाराज हो जाओगी और अगर मैंने ना कह दी तो वह नाराज हो जाएगी''

एक युवती ने अपनी सहपाठिका से कहा, ''तुम्हारी गर्दन पर एक अजीब सी चीज है जिसे देख कर डर लगता है।''
''क्या है वह चीज?'' युवती की सहपाठिका ने अपनी गर्दन पर हाथ फिराते हुए पूछा, '' तुम्हारा चेहरा,'' युवती ने मुस्कुरा कर कहा।

रात को 1 बजे पुलिस स्टेन के फोन की घंटी बजी. ड्यूटी पर तैनात अधिकारी ने फोन उठाया तो उधर से कांपती आवाज में किसी ने कहा, ''यहां के वर्किंग वूमंस होस्टल में एक चोर घुस आया है, आप फौरन मदद के लिए आइए।''
''हां-हां, हम सिपाहियों के साथ फौरन आते हैं, पर आप कौन साहब बोल रहे हैं?'' ड्यूटी अफसर ने पूछा।
''जी वही चोर।''

संता (बंता से), ''यदि मैं घर की चौथी मंजिल से कूदकर बच जाऊं, तो इसे तुम क्या कहोगे?''
बंता (संता से), ''महज संयोग।''
संता, ''यदि दोबारा मैं ऐसा करके बच जाऊं तो? मान लो, तीसरी बार भी मैं ऐसा करने में सफल रहा तो?''
बंता, ''तब मुझे पूरा यकीन हो जाएगा कि तुम पहले कभी सर्कस में काम करते होगे।''

एक घायल महिला को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भरती कराया गया, होश आने पर उस ने पूछा, ''मैं कहां हूं?''
''आपरेशन थिएटर में।''
''थिएटर में, फिल्म कब शुरू होगी?'' महिला ने खुशी से कहा।

एक महिला ने आपरेन कराने के बाद बिल देखा तो बड़ी रकम देख कर उसे कुछ गड़-गड़ का अंदेशा हुआ, उस ने डॉक्टर से पूछा, ''डाक्टर, क्या आप ने बिल ठीक से देखा, कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं?''
''नहीं-नहीं, वैसे आप अगले ऑपरेशन के लिए आएंगी तो लेस कर दूंगा।'' डाक्टर ने तसल्ली दी।

एक महिला की मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टर ने उसे ऑपरेशन कराने की सलाह दी, सुन कर सुषमा बोली, ''आपरेशन, चार्ज कुछ ज्यादा है क्या?''
''हां, हमारी विशेषज्ञता एंब्राएडरी स्टिचिंग में है,'' डॉक्टर ने फौरन कहा।

नेताजी चुनावी सभा में धुआंधाड़ स्पीच दे रहे थे, बीचबीच में टीवी की तरह ब्रेक ले कर उपभोक्ता वस्तुओं के विज्ञापन भी बोल रहे थे.
यह सुन कर सभा में बैठी एक महिला ने अपने साथ बैठे व्यक्ति से पूछा, ''यह नेताजी को क्या हुआ है, स्पीच के बीचबीच में तेल, साबुन, शैंपू के विज्ञापन क्यों बोल रहे हैं?''
''पार्टी को चलाने व चुनाव लड़ने के लिए नेताजी के पास पैसे नहीं हैं। इस तरह उन्हें कुछ पैसे मिल जाएंगे।''


हर सपने कुछ कहते हैं? भागा: 1

स्वप्न फल, रहस्य Meaning, dreams analysis: Part:1
हर सपने कुछ कहते हैं? भागा: 1
all the dreams say Something ?
स्वप्न मनुष्य के लिए बड़े ही आकर्षक लुभावने और रहस्यमय होते है. डरावने और बुरे स्वप्न जहां उसे भयभीत करते है. वहीं दिलचस्प, मनोहारी और अच्छे स्वप्न उसे आत्मविभोर कर देते है. रात्री में सुप्त अवस्था में देखे गए स्वप्नों के स्वप्न जाल में घिरा वह सारा दिन एक अजीब सी खुशी का अनुभव करता है.एक अजीब सी ऊर्जा उसके भीतर प्रवाहित होती रहती है. मनुष्य स्वभाव ही ऐसा है, जो बुरे स्वप्न के फल को भी जानना चाहता है.और अच्छे स्वप्न के फल को भी जानने के लिए उत्सुक रहता है. आखिर स्वप्न क्या है, जो सदियों से मनुष्य को अपने शुभ अशुभ संकेतों द्वारा सचेत करता रहा है. असल में स्वप्न व्यक्ति के व्यक्तित्व का एक ऐसा “भाग्य सूचक” है. जो वह सब कुछ उसको निन्द्रावस्था में बता जाता है. जो उसके जीवन में शुभ अशुभ घटने वाला होता है. ऐसी सूक्ष्म और प्रामाणिक जानकारी मनुष्य को किसी भी पद्धति से नहीं मिल सकती है.

कुछ स्वप्न बड़े ही विचित्र और आश्चर्यजनक होते है. व्यक्ति उन्हें देख कर अवाक रह जाता है. कि वह स्वप्न में कैसे आसमान में उड़ रहा था. कुछ स्वप्न ऐसे भी होते है. जो भविष्य में घटने वाली शुभ अशुभ घटनाओं का बोध कराते है. और कुछ स्वप्न बिलकुल ही मानव जीवन की सच्चाइयो से जुड़े होते है.

आप अगर रात के प्रथम पहर में कोई स्वप्न देखते है तो उस स्वप्न का शुभ या अशुभ फल आपको साल भर में मिलने की संभावना रहती है. रात के दूसरे पहर में आप कोई स्वप्न देखते है.उसका शुभ या अशुभ फल मिलने का समय आठ महीने का होता है. रात के तीसरे पहर में आप कोई स्वप्न देखते है तो तीन महीने में उसका शुभ अशुभ फल मिलता है. रात के चौथे पहर के स्वप्न के फल प्राप्ति का समय एक माह होता है. और जो स्वप्न सुबह भोर काल में देखे जाते है उसका फल शीघ्र ही आपको मिल जाता है. दिन निकलने के बाद देखे जाने वाले स्वप्नों का फल आधे माह के भीतर ही मिल जाते है.

क्रमश....

ज्योतिष सीखें - भाग 1

Learn Astrology Part:1
ज्योतिष सीखने की इच्छा अधिकतर लोगों में होती है। लेकिन उनके सामने समस्या यह होती है कि ज्योतिष की शुरूआत कहाँ से की जाये?
कुछ जिज्ञासु मेहनत करके किसी ज्यातिषी को पढ़ाने के लिये राज़ी तो कर लेते हैं,
लेकिन गुरूजी कुछ इस तरह ज्योतिष पढ़ाते हैं कि जिज्ञासु ज्योतिष सीखने की बजाय भाग खड़े होते हैं। बहुत से पढ़ाने वाले ज्योतष की शुरुआत कुण्डली-निर्माण से करते हैं। ज़्यादातर जिज्ञासु कुण्डली-निर्माण की गणित से ही घबरा जाते हैं। वहीं बचे-खुचे “भयात/भभोत” जैसे मुश्किल शब्द सुनकर भाग खड़े होते हैं।
अगर कुछ छोटी-छोटी बातों पर ग़ौर किया जाए, तो आसानी से ज्योतिष की गहराइयों में उतरा जा सकता है। ज्योतिष सीखने के इच्छुक नये विद्यार्थियों को कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए-
  1. शुरूआत में थोड़ा-थोड़ा पढ़ें।
  2. जब तक पहला पाठ समझ में न आये, दूसरे पाठ या पुस्तक पर न जायें।
  3. जो कुछ भी पढ़ें, उसे आत्मसात कर लें।
  4. बिना गुरू-आज्ञा या मार्गदर्शक की सलाह के अन्य ज्योतिष पुस्तकें न पढ़ें।
  5. शुरूआती दौर में कुण्डली-निर्माण की ओर ध्यान न लगायें, बल्कि कुण्डली के विश्लेषण पर ध्यान दें।
  6. शुरूआती दौर में अपने मित्रों और रिश्तेदारों से कुण्डलियाँ मांगे, उनका विश्लेषण करें।
  7. जहाँ तक हो सके हिन्दी के साथ-साथ ज्योतिष की अंग्रेज़ी की शब्दावली को भी समझें।
अगर ज्योतिष सीखने के इच्छुक लोग उपर्युक्त बिन्दुओं को ध्यान में रखेंगे, तो वे जल्दी ही इस विषय पर अच्छी पकड़ बना सकते हैं।

ज्‍योतिष के मुख्‍य दो विभाग हैं - गणित और फलित। गणित के अन्दर मुख्‍य रूप से जन्‍म कुण्‍डली बनाना आता है। इसमें समय और स्‍थान के हिसाब से ग्रहों की स्थिति की गणना की जाती है। दूसरी ओर, फलित विभाग में उन गणनाओं के आधार पर भविष्‍यफल बताया जाता है। इस शृंखला में हम ज्‍यो‍तिष के गणित वाले हिस्से की चर्चा बाद में करेंगे और पहले फलित ज्‍योतिष पर ध्यान लगाएंगे। किसी  बच्चे के जन्म के समय अन्तरिक्ष में ग्रहों की स्थिति का एक नक्शा बनाकर रख लिया जाता है इस नक्शे केा जन्म कुण्डली कहते हैं। आजकल बाज़ार में बहुत-से कम्‍प्‍यूटर सॉफ़्टवेयर उपलब्‍ध हैं और उन्‍हे जन्‍म कुण्‍डली निर्माण और  अन्‍य गणनाओं के लिए प्रयोग किया जा सकता है। पूरी ज्‍योतिश नौ ग्रहों, बारह राशियों, सत्ताईस नक्षत्रों और बारह भावों पर टिकी हुई है।
सारे भविष्‍यफल का मूल आधार इनका आपस में संयोग है। नौ ग्रह इस प्रकार हैं -

ग्रहअन्‍य नामअंग्रेजी नाम
सूर्यरविसन
चंद्रसोममून
मंगलकुजमार्स
बुधमरकरी
गुरूबृहस्‍पतिज्‍यूपिटर
शुक्रभार्गववीनस
शनिमंदसैटर्न
राहुनॉर्थ नोड
केतुसाउथ नोड

आधुनिक खगोल विज्ञान (एस्‍ट्रोनॉमी) के हिसाब से सूर्य तारा और चन्‍द्रमा उपग्रह  है, लेकिन भारतीय ज्‍योतिष में इन्‍हें ग्रहों में शामिल किया गया है। राहु और केतु गणितीय बिन्‍दु मात्र हैं और इन्‍हें भी भारतीय ज्‍योतिष में ग्रह का दर्जा हासिल है।

भारतीय ज्‍योतिष पृथ्‍वी को केन्द्र में मानकर चलती है। राशिचक्र वह वृत्त है जिसपर नौ ग्रह घूमते हुए मालूम होते हैं। इस राशिचक्र को अगर बारह भागों में बांटा जाये, तो हर एक भाग को एक राशि कहते हैं। इन बारह राशियों के नाम हैं- मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्‍या,  तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन। इसी तरह जब राशिचक्र को सत्‍ताईस  भागों में बांटा जाता है, तब हर एक भाग को नक्षत्र कहते हैं। हम नक्षत्रों  की चर्चा आने वाले समय में करेंगे।

एक वृत्त को गणित में 360 कलाओं (डिग्री) में बाँटा जाता है। इसलिए एक राशि, जो राशिचक्र का बारहवाँ भाग  है, 30 कलाओं की हुई। फ़िलहाल ज़्यादा गणित में जाने की बजाय बस इतना जानना
काफी होगा कि हर राशि 30 कलाओं की होती है।
हर राशि का मालिक एक ग्रह होता है जो इस प्रकार हैं -

राशिअंग्रेजी नाममालिक ग्रह
मेषएरीज़मंगल
वृषभटॉरसशुक्र
मिथुनजैमिनीबुध
कर्ककैंसरचन्द्र
सिंहलियोसूर्य
कन्यावरगोबुध
तुलालिबराशुक्र
वृश्चिकस्कॉर्पियोमंगल
धनुसैजीटेरियसगुरू
मकरकैप्रीकॉर्नशनि
कुम्भएक्वेरियसशनि
मीनपाइसेज़गुरू


क्रमश... 

Tuesday, April 26, 2011

Funny scarecrow Pic

In usual farmer use scarecrow to expel a crow.But now you will see queer and funny scarecrow.



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Pictures:super scarecrow

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Pictures:farmer scarecrow

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