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Friday, June 3, 2011

रेकी का इतिहास

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रेकी का इतिहास
हमारा देश आध्यात्मिक शक्तियों से संपन्ना देश है। हजारों वर्ष पूर्व भारत में स्पर्श चिकित्सा का ज्ञान था। अथर्ववेद में इसके प्रमाण पाए गए हैं, किंतु गुरु-शिष्य परंपरा के कारण यह विद्या मौखिक रूप से ही रही। लिखित में यह विद्या न होने से धीरे-धीरे इस विद्या का लोप होता चला गया। 2500 वर्ष पहले भगवान बुद्ध ने ये विद्या अपने शिष्यों को सिखाई ताकि देशाटन के समय जंगलों में घूमते हुए उन्हें चिकित्सा सुविधा का अभाव न हो और वे अपना उपचार कर सकें। भगवान बुद्ध की 'कमल सूत्र' नामक किताब में इसका कुछ वर्णन है।



19वीं शताब्दी में जापान के डॉ. मिकाओ उसुई ने इस विद्या की पुनः खोज की और आज यह विद्या रेकी के रूप में पूरे विश्र्व में फैल गई है। डॉ. मिकाओ उसुई की इस चमत्कारिक खोज ने 'स्पर्श चिकित्सा' के रूप में संपूर्ण विश्व को चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान की है।



रेकी सीखने के लाभ

1. यह शारीरिक, मानसिक तथा भावनात्मक स्तरों को प्रभावित करती है।

2. शरीर की अवरुद्ध ऊर्जा को सुचारुता प्रदान करती है।

3. शरीर में व्याप्त नकारात्मक प्रवाह को दूर करती है।

4. अतीद्रिंय मानसिक शक्तियों को बढ़ाती है।

5. शरीर की रोगों से लड़ने वाली शक्ति को प्रभावी बनाती है।

6. ध्यान लगाने के लिए सहायक होती है।

7. समक्ष एवं परोक्ष उपचार करती है।

8. सजीव एवं निर्जीव सभी का उपचार करती है।

9. रोग का समूल उपचार करती है।

10. पूर्ण स्वास्थ्य प्रदान करती है।



रेकी की पात्रता

कोई भी व्यक्ति रेकी सीख सकता है। यह व्यक्ति के बौद्धिक, शैक्षणिक या आध्यात्मिक स्तर पर निर्भर नहीं है, न ही इसे सीखने के लिए उम्र का बंधन है। कोई भी व्यक्ति इसे सीख सकता है। इसे सीखने के लिए वर्षों का अभ्यास नहीं चाहिए न ही रेकी उपचारक की व्यक्तिगत स्थिति के कारण उपचार पर कोई प्रभाव पड़ता है। यह क्षमता रेकी प्रशिक्षक के द्वारा उसके प्रशिक्षार्थी में सुसंगतता (एट्यूनमेंट) के माध्यम से उपलब्ध होती है, इसके प्राप्त होते ही व्यक्ति के दोनों हाथों से ऊर्जा का प्रवाह प्रारंभ हो जाता है और इस तरह वह स्वयं का तथा दूसरों का भी उपचार कर सकता है।



रेकी कैसे कार्य करती है?

यह शरीर के रोगग्रस्त भाग की दूषित ऊर्जा को हटाकर उस क्षेत्र को स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करती है। यह व्यक्ति के तरंग स्तर को बढ़ाती है। उसके प्रभा पंडल को स्वच्छ करती है जिसमें नकारात्मक विचार और रोग रहते है। इस क्रिया में यह शरीर के ऊर्जा प्रवाहों को सुचारु करने के साथ-साथ उन्हें बढ़ाती भी है। इस तरह यह रोग का उपचार करती है।

Friday, April 15, 2011

गरमी में अपनाये ब्युटी टिप्स

गरमी में अपनाये ब्युटी टिप्स गर्मी के मौसम की शुरूआत हो चुकी है और अभी से ही तेज धूप ने परेशान करना शुरू कर दिया है।

गर्मी में सबसे ज्यादा त्वचा को नुकसान पहुंचता है क्योंकि तेज धूप सीधे त्वचा पर इफेक्ट डालती है। ऎसे में जरूरी है कि गर्मी की शुरूआत में ही प्रिकॉशन लेना शुरू कर दिया जाए ताकि बाद में होने वाली विभिन्न त्वचा संबंधी विभिन्न बीमारियों से बचा जा सके।

कुछ काम की बातें धूप में निकलते समय स्कार्फ व ग्लव्ज का प्रयोग जरूर करें। गर्मी में जहां तक हो सके कॉटन ड्रेसेस पहनें।

फेस या हाथ पैरों पर यदि दाने या लाल चकते हो जाएं तो बर्फ रगड़ें। कोशिश करें कि सुबह व शाम के समय किसी भी काम के लिए निकलें, दिन के समय सन स्क्रीन क्रीम लगाकर बाहर जाएं। सोने से पूर्व हाथ पैरों पर क्रीम लगाकर सोएं।

आंखों का विशेष्ा खयाल रखें और धूप के चश्मे का प्रयोग करें। घरेलू नुस्खे अपनाएं गर्मी में धूप से बचने के लिए घरेलू उपाय भी बहुत लाभकारी सिद्ध होते हैं।

मुल्तानी मिट्टी, तुलसी, चंदन, गुलाब आदि प्राकृतिक चीजें गर्मी में काफी राहत पहुंचाती हैं।

गर्मी से त्वचा झुलसने पर मुल्तानी मिट्टी व चंदन पाउडर लगाने से काफी फायदा होता है।

इसके अलावा घमोरियां होने पर नीम व तुलसी की पत्तियों का पेस्ट लगाना लाभकारी रहता है।

वहीं गुलाब की पत्तियों को पानी में भिगोकर उस पानी से चेहरा धोने से गर्मी का असर कम होता है।

गर्मी में डेंड्रफ की समस्या भी बढ़ जाती है ऎसे में काली मिट्टी को रात में पानी में गलाकर सुबह उसे बालों में लगाने से काफी फायदा होता है।

Health Tips For Working Women

Today women have become much more ambitious than before. They have made remarkable progress in various sectors. The working ladies not only take care of the responsibilities in their office but also control their house.

Throughout the day she remains busy working, taking care of her kids, cooking, cleaning and in other activities. Managing all these things along with proper time managements is quite strenuous and leaves her with no time to spend for herself. Proper health care is essential for all of us especially for the women.


It is the responsibility of every woman to devote sometime for herself each day. It is also important for them to make a conscious attempt to retain a healthy body and mind. This will help them to stay fit longer and improve their resistration power.


Useful Tips for the Working Women

1.Maintain a healthy diet rich in calcium , vitamins

2.Drink lots of water and juices to avoid dehydration

3.Try to do regular exercise for an hour each day to control stress , anxiety ,depression , fatigue etc

4.Don’t skip meals because of work pressure

5.Give proper rest to your body and sleep at least for 7-8 hours Diet plays an important role for staying fit and healthy.


Have food rich in nutrition value and less in calorie. If a women is conscious about her own health she can easily take proper health care of her family members for their betterment.

घमोरियां दुर करने के उपाय

गर्मियों के दौरान त्वचा काफी नाजुक और संवेदी हो जाती है और सूरज की तीखी किरणों, धूल-गर्द तथा शुष्कता से इसका बचाव करने के लिए कुछ अतिरिक्त प्रयास जरूरी हो जाते हैं।


कई बार गर्मियों में घमोरियों से बचना नामुमकिन हो जाता है ऐसे में घरेलू नुस्खे बड़े काम आते हैं। एक प्लास्टिक की थैली में आइस क्यूब्स भरकर घमोरियों पर लगाने से तत्काल आराम मिलता है।


आइस पैक लगाते समय यह सावधानी जरूर रखें कि इसे सीधे त्वचा के संपर्क में आने देने के बजाए कपड़े में लपेट लें। 5 से 10 मिनट तक लगाए रखें। आइस पैक चार से छः घंटे के अंतराल पर पुनः इस्तेमाल किया जा सकता है।


आइस पैक के अलावा ठंडे पानी का शॉवर लिया जा सकता है। इससे घमोरियों में आराम मि‍लेगा। नहाने के बाद त्‍वचा को तौलि‍ये से रगड़कर पोंछने की बजाय अपने आप सूखने दें।

झुल्सा देने वाली गर्मी में करे यह उपाय

गर्मियों के दौरान सफेद चंदन या चंदन चूर्ण को पानी में मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। यह एंटी बैक्टीरियल होता है जिससे त्वचा साफ-स्वच्छ और शीतल बनती है।


इसी तरह नीम, तुलसी, गुलाब की पंखुड़ियों और चंदन (बराबर मात्रा में) में कच्चा दूध मिलाकर तैयार लेप का प्रयोग करने से त्वचा में उजलापन आता है और मुँहासों से भी राहत मिलती है। इस लेप को कम से कम एक घंटे तक लगाए रखें और फिर पानी से धो दें।


इस उपचार से आपकी त्वचा मुलायम और नरम बनेगी। 10 ग्राम सूखे नीम के पत्तों और सात काली मिर्च का चूर्ण बनाकर मिलाएँ और इसमें पानी मिलाकर इसे छान लें। घर में तैयार इस टॉनिक के सेवन से त्वचा संबंधी कई विकारों से राहत मिलती है। एक सप्ताह तक इस नुस्खे को आजमाएँ और खुद ही फर्क देख लें।


गरमी के दिनों में चेहरे पर ताजगी लाने के लिए दो चम्मच बेसन, हल्दी पावडर, गुलाब जल व शहद मिलाकर लेप बनाएँ। इसे चेहरे व हाथ-पैरों और गर्दन पर लगाएँ व 10 मिनट बाद धो लें। इससे त्वचा सुंदर व स्वस्थ बनी रहेगी।


आँखों में जलन व काले घेरों को कम करने के लिए रात को सोते समय आँखों पर ठंडे दूध में रुई भिगोकर रखें। होठों को सुंदर और मुलायम बनाए रखने के लिए रात को सोते समय दूध की मलाई लगाएँ, सुबह ठंडे पानी से धो लें। कच्चे दूध में हल्दी डालकर पेस्ट बनाएँ। इसे चेहरे और हाथ-पैरों पर लगाएँ।


10 मिनट बाद धो लें। त्वचा निखर उठेगी। 8-10 दिन में एक बार चेहरे को भाप अवश्य दें। इस पानी में पुदीना, तुलसी की पत्ती, नीबू का रस व नमक डालें। भाप लेने के बाद इसी गुनगुने पानी में 5 मिनट के लिए हाथों को रखें। हाथ मुलायम हो जाएँगे।

Thursday, April 7, 2011

साड़ी बढ़आए महिलाओं का सौंदर्य (टिप्स)

Indian Traditional Wear Saree wearing Tips

साड़ी पहनने का सही ढंग आधुनिक दौर में बहुत जरूरी हो गया है। साड़ी महिलाओं के सौंदर्य को दोगुना बढ़ा देती है। अत एव महिलाओं को हमेशा साड़ी अपने शरीर के गठन व उम्र को ध्यान में रखकर पहननी चाहिए। साड़ी पहनते समय निम्न बातों को अवश्य ध्यान में रखे-

Indian Traditional Wear Saree
1. साड़ी, मौसम, समय तथा अवसर के अनुकूल ही पहनें। साड़ी के चयन के साथ-साथ अगर ब्लाउज के च्वाइस में भी सूझबूझ का परिचय दें तो इससे साड़ी में और भी निखार आएगा।
2. साड़ी के साथ हमेशा मैंचिंग ब्लाउज पहनें। मैचिंग न हो तो कन्ट्रास पहनें। वैसे भी आजकल साड़ी के साथ कन्ट्रास का चलन है। आपको कन्ट्रास रंग ज्यादा पसंद है तो जरूर पहनें क्योंकि वह साड़ी की शोभा को बढ़ा देता है।
3. ब्लाउज की फिटिंग सही होनी चाहिए। कपड़ा चाहे हल्का या सस्ता ही हो लेकिन फिटिंग से आप चुस्त नजर आएंगी।
4. साड़ी पहनते समय इस बात का अवश्य ध्यान रखें कि साड़ी का फॉल कहीं से गंदा या उधड़ा हुआ न हो।
5. साड़ी ऊंची-नीची हो या पल्ला छोटा-बड़ा हो, दोनों ही बातें आपकी फुहड़ता को प्रदर्शित करती है। इसलिए जब साड़ी बांधना शुरू करें तो चुन्नट देने से पहले पल्ला सेट करें। पल्ला सेट करने के लिए बॉर्डर के किनारे पर तीन यार चार चुन्नटें दें। फिर आगे को बल देकर पिन लगाते हुए साड़ी सेट करें। इससे साड़ी हिलेगी नहीं, सेट रहेगी।
6. यदि आप शाम की पार्टी में जा रही हो तो या फिर शॉपिंग के लिए अथवा घूमने तो उल्टे पल्ले की साड़ी पहनें।
7. सीधे पल्ले की साड़ी मन मोह लेती है। यदि हल्के प्रिंट की साड़ी सीधा पल्ला लेकर पहनी जाए तो वह खुबसूरती को और भी बढ़ा देगी।
8. यदि आपको आधुनिक पार्टी में जाना हो तो साड़ी को मुमताज स्टाइल में पहनें। आप साड़ी जैसे बांधती हैं उसी तरह शुरू करें। साड़ी के दो बल थोड़े से चौड़े लें। वैसे ही पल्ला सेट करने के लिए ही बल देते हुए कंधे पर पल्ला सेट करते हैं। परन्तु मुमताज स्टाइल में तीन-चार बल देते हुए बांध कर चाहे डिस्को करें या घूमें फिरें। कोई दिक्कत नहीं होगी। ऊपर आप पार्टी की शान भी बनेंगी।
9. कंधे पर पल्ले वाली साड़ी पहनने के लिए साड़ी बांधकर लहराता पल्ला। कंधे पर डालें। ऐसा करके आप न जाने कितनों का दिल चुरा लेंगी। साथ ही शालिनता परिचय देंगी।
यदि आपका मन यदि लहंगा पहनने का कर रहा हो और आपके पास मन भाता लहंगा न हो तो साड़ी लहंगा स्टाइल में पहनें। इससे आप रात की किसी पार्टी, शादी-ब्याह के मौके पर बांध सकती हैं। लहंगा स्टाइल में आप अगर कढ़ाई वाली या बारीक काम की साड़ी को बांधेंगी तो यह स्टाइल आप पर खूब जचेगा और चाल-ढाल में लुभावनी अदा झलकेगी।
10. साड़ी पहनते समय कम से कम पिनों का प्रयोग करें। जरा सा खिंचने पर पल्ले या पलटों का फटने का भय रहता है।
11. साड़ी पहनकर उस पर तीखे परफ्यूम का सीधा झिड़काव न करें। इससे साड़ी की जरी-कढ़ाई, रंग व प्रिंट प्रभावित होते हैं। अतः परफ्यूम को कनपटी गले के नीचे व कलाइयों पर लगायें। जिससे लंबे समय तक आपको सुगंध व ताजगी का अहसास रहेगा।
12. गोरी महिला पर हल्के तथा गहरे दोनों रंग खिलते हैं पर सांवली महिला को हल्क रंग की साड़ी पहननी चाहिए।
13. भारी साड़ी के साथ ब्लाउज अन्य साड़ियों के साथ नपहनें अन्यथा कई बार धोने से उन का रंग बदरंग हो जाएगा। जिससे भारी साड़ी भी उतनी खूबसूरत नहीं लगेगी।
14. बहुत पतली महिला के लिए गहरे रंग की साड़ी अधिक जचेंगी।
15. लंबे कद की महिलाओं पर चौड़े बार्डर की तथा साड़ी के विपरीत रंग का ब्लाऊज ज्यादा जचेंगी।
16. छोटे कद की महिला एक हीरंग की साड़ी व ब्लाउज पहनें तो ज्यादा जचेगा। बड़े बार्डर या आड़ी धारियों वाली साड़ीउसे हरगिज नहीं पहनना चाहिए।
17. भारी शरीर वाली महिला को बड़े प्रिंट व आड़ी धारियों वाली जॉर्जट, शिफान तथा क्लफ (मावा) लगी साड़ी पहनने से आकर्षण बढ़ जाता है। भारी शरीर वाली महिला को ढीलाढाला पेटीकोट न पहन कर टाईट फिटिंग वाला पेटिकोट ही पहनना चाहिए।
18. प्रौढ़ तथा वृद्ध महिलाओं को गहरे रंग तथा चटक रंग की साड़ी नहीं पहनना चाहिए।
19. गर्मियों में हल्के रंग की साड़ी से गर्मी कम लगेगी। सर्दियों में रेशमी साड़ी पहनने से सर्दी कम लगेगी। गर्मियों में शिफान की साड़ी अच्छी नहीं रहती। बरसात के मौसम में गहरे तथा चटक रंग की नॉयलोन की साड़ी ठीक रहती है।
20. ऑफिस या नौकरी पर जाते समय तड़क-भड़क वाली चटकीली साड़ी न पहने।
21. पिकनिक पर जाते समय सिंथेटिक साड़ी पहनें ताकि सिलवटें न पड़े तथा आप स्वच्छता से पिकनिक का आनंद लें सकें।
22. सगाई, शादी की वर्षगांठ या जन्म दिन की पार्टी में गहरे रंग की, हल्के काम की, गोटे किनारी की, कम जरी वाली साड़ी पहन सकती हैं। पर बहुत हल्के रंग की सफेद साड़ी कभी ना पहनें। शादी में जाएं तो कीमती चमकदार बनारसी साड़ी पहनने की कोशिश करें।
23. यदि आज शोक प्रकट करने जाए तो सफेद या हल्के रंग की साड़ी पहने व श्रृंगार बिल्कुल ना करें।

Wednesday, April 6, 2011

महिलाओं के व्यक्तित्व को उभारता हैं हैंडबैग

मौजूदा दौर में हैंडबैग और पर्स आधुनिक महिलाओं का आवश्यक साथी बन चुका है। किसी के हैंडबैग को खोलते समय ही उसकी स्वामिनी के स्वभाव के विषय में पता लगाया जा सकता हैं। वैसे तो बाजार में जूट, कपड़े, रेक्सिन चमड़े के मनभावन डिजाइनों के विविध पर्स हैंडबैग मिलते हैं। हैंडबैग पर्स का रंग आकार यदि जूतों, कद काठी वस्त्रों से मेल खाता हुआ हो तो ये व्यक्तित्व की शोभा द्विगुणित कर देते हैं। आम तौर पर सफेद, काले मैरून भरे सिल्वर सुनहरी हैंडबैंग लगभग सभी पोषकों से मैच कर जाते हैं। अवसर के मुताबिक औपचारिक समारोह में जाते समय या खरीदारी करते समय और नौकरी पर जाते समय आवश्यकतानुसार चीजें भरकर अलग-अलग हैंडबैंग का प्रयोग करना चाहिए। कॉलेज ऑफिस जाने वाली युवतियों को खुशनुमा आधुनिक डिजाइन के जूट, कपड़े, रेक्सिन या चमड़े के कमर तक लटकने वाले हैंडबैंग काम में लाने चाहिएं। अध्यापन प्रशासनिक दायित्वों से जुड़ी महिलाओं को सिम्पल डिजाइन का एकरंगा हैंडबैग पर्स लेना चाहिए। दुबली, पतली छोटे कद की महिलाओं को चौड़े स्टै्रप वाले बड़े आकार के चपटे हैंडबैग का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इन पर हल्के-फुल्के स्टे्रप वाले गोलाकार या पंचकोणनुमा शेप के हैंडबैग खूब फबते हैं। नाटी मोटी महिलाओं को भी बहुत बड़े या छोटे हैंडबैग का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इन्हें कमर से लटकने वाले हैंडबैंग की बजाय हैण्डिल वाले मध्यम आकार के हैंडबैग काम में लेने चाहिएं। लम्बे कद की महिलाओं पर थोड़े बड़े लटकने वाले हैंडबैंग फबते हैं। शादी स्वागत समारोह जैसे मांगलिक अवसरों पर पोषाक से मेल खाते मखमल या शनील के पर्स बहुत अच्छे लगते हैं। इसके अतिरिक्त सुनहरी रंग के या क्रोषिये से बुने मैचिंग पर्स भी बखूबी व्यक्तित्व की छटा में चार चांद लगाते हैं। चमचमाते साफ सुथरे हैंडबैग जहां सुरूचिपूर्ण व्यक्तित्व के परिचायक हैं, वहीं बेडौल शेप के उखड़ी जिप वाले, बेकार सामान से भरे हैंडबैग फूहड़ व्यक्तित्व की चुगली खाते नजर आते हैं। इससे बचने हेतु अनावश्यक चीजें हैंडबैग में रखें। इससे जिप तनियों ;स्टे्रपसद्ध पर अनावश्यक बोझ पड़ता है और वे जल्दी खराब हो जाते हैं। फालतू चीजें भरी रहने से चीजें भी तुरंत मिल नहीं पाती। बरसात के दिनों में चमड़े हैंडबैग पर्स का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए क्योंकि पानी की नमी से ये बेडौल हो जाते हैं और इनमें फफूंद लग जाती है। हैंडबैग पर्स का इस्तेमाल करने के बाद उन्हें सुरक्षित स्थान पर रख देना चाहिए। अधिक समय तक जब पर्स का प्रयोग करना हो तो उसमें कागज भर कर रखें ताकि आकार ठीक बना रहे। इन्हें बच्चों फालतू जानवरों को खेलने के लिये देना नहीं चाहिए क्योंकि इससे इनके खराब होने का डर बना रहता है।

Saturday, December 26, 2009

Top 10 Tips for Green Living

It can be easy to make greener choices every day.




1. Buy Organic. Organic produce tastes better, and it’s healthier! Start by buying even just 2 percent organic and work your way up from there.

2. Eat Locally. Look for locally grown foods at your grocery store or farmer’s market.

3. No Paper, No Plastic. Anytime you hit the grocery store, meat market or mall, take your own reusable shopping bag.

4. Unplug! You can reduce your consumption of electrical energy simply by unplugging electronics when they’re not in use.

5. Reduce, Reuse, Recycle. Get in the habit of recycling your glass, plastics, aluminum and paper.

6. Save Water. Take quick showers, fix leaky faucets and turn off the water while you brush your teeth. That alone can save almost 2,000 gallons a year.

7. Reach for the Stars. Energy Star appliances use less energy, save you money and help protect the environment.

8. Turn Down the Heat. Turning down your thermostat 1 degree in the winter and up a degree in the summer could save you 3 percent in home energy costs.

9. Green Your Ride. Buying a hybrid is not the only way to conserve fuel. Keep your tire pressure at the recommended level for greater fuel efficiency. Keep the AC on low, check your air filter and drive a little less.

10. Switch Out Your Light Bulbs. Compact fluorescent light bulbs last 10 times as long and are 25 percent more energy efficient than conventional bulbs.


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Less Money, More Style

How to Keep Your Family Looking Great without Breaking the Bank



Shopping for clothes for your family may be the first thing you scratch off your list of priorities if you suddenly find yourself with less disposable income. But the truth is, what you wear can have a profound effect on how you feel about yourself and how potential employers or clients view you—not to mention how important staying stylish may be to your budding “fashionista” offspring. However, it is possible to minimize the impact a reduced budget can have on you and your family.

For starters, shop more! Shopping more doesn’t mean buying more; it means practicing self-control until you find a great deal. If you typically shop upscale department stores and Saks is now a bit outside of your budget, wait a bit. Holding out for a sale could allow you to buy some of the same items for a lot less. And don’t be afraid to shop at discount stores. It’s easy (and affordable) to update your current duds with stylish pieces from discount-, vintage- and used-clothing stores. If you shop often enough, you can find some great pieces at lower price points.


Read your fashion magazines! You may not be able to afford what you see in the pages of Elle or Vogue right now, but it will help you stay on top of the latest trends. With a little creativity, you can usually pull pieces from your current wardrobe or find similar looks for less.


The same advice applies to your children’s wardrobes. Publications like Acara Mia Magazine will keep you up to date on children’s clothing trends. When shopping for children, buy bigger sizes. Remember the days when mom bought you shoes one size larger than you needed so you could wear them longer? For the little ones, this is a must. Particularly with clothing, if you buy slightly larger sizes, clothes will last longer on a growing child.



If you still think you can’t afford to keep your wardrobe sharp, take a look at where you’re spending your money. Why not give up your daily coffee, cigarettes, desert after dinner or any other not-so-healthy habit to put a little extra money aside for a treat for your family or yourself now and then. Just because you’re watching what’s coming out of your wallet doesn’t mean your rating on the fashion chart has to plummet. Follow these tips, and you and your family will look great while spending less.

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